प्रभु श्रीराम की आरती करतीं मुस्लिम महिलाएं
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धार्मिक कट्टरता पर एकबार फिर से मर्यादा पुरुषोत्तम की आस्था भारी पड़ी। दीपावली के पर्व पर विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर से दीपावली पर जुटी मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू महिलाओं के साथ मिलकर भगवान श्रीराम, माता जानकी लक्ष्मण और हनुमान की महाआरती कर दुनिया को भारत के विश्व बंधुत्व के संदेश से परिचित कराया।
शनिवार को लमही स्थित इंद्रेश भवन में मुस्लिम महिलाओं ने रंगोली बनाई। रंग-बिरंगे दीप सजाए। नाजनीन अंसारी द्वारा उर्दू में रचित श्रीराम आरती और श्रीराम प्रार्थना का गायन हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि धार्मिक कट्टरपंथ को खत्म करने के लिए मुस्लिम महिलाओं का यह प्रयास हमेशा याद किया जाएगा।
नाजनीन अंसारी ने कहा कि राम नाम का प्रकाश ही दुनिया को नफरत के अंधकार से मुक्त करा सकता है। पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास ने कहा कि प्रभु श्रीराम तो सबके हैं, उनके नाम पर कोई भेद नहीं हो सकता। इस दौरान डॉ. राजीव श्रीवास्तव, नजमा परवीन, नगीना बानो, डॉ. मृदुला जायसवाल, अर्चना भारतवंशी, चट्टो बाबा, शहीदुन बेगम, हाजरा, तबस्सुम, शाहीना परवीन, गुलफ्शा, महनाज, नाजिया, जमीला, रशीदा आदि मौजूद रहीं।