सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में होने वाली 10वीं ऑल इंडिया ओपन कराटे प्रतियोगिता रविवार को संपन्न हुई। मानव अकादमी ऑफ मार्शल आर्ट्स और अमर उजाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में 17 राज्यों के 1319 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। छह एरिना पर हुए मुकाबले के सब जूनियर में कृष्ण मोहिनी विद्या मंदिर जबकि सीनियर वर्ग में यूपी को पहला स्थान मिला।
मध्य प्रदेश को दूसरा और पश्चिम बंगाल के खिलाड़ी तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में महाराष्ट्र चौथे, दिल्ली और तेलंगाना के खिलाड़ी संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे। सब जूनियर टीम में कृष्ण मोहिनी विद्या मंदिर की टीम ने लगातार तीन बार की चैंपियन यूनिक अकादमी की टीम को पछाड़ कर पहला स्थान पाया। यूनिक अकादमी दूसरे स्थान पर रही और जीवनदीप पब्लिक स्कूल की टीम तीसरे स्थान पर रही।
प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के अलावा बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत 17 राज्यों के लगभग 1319 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें 613 महिला व 706 पुरुष प्रतिभागी रहे। प्रतियोगिता में इंडिविजुअल काते, इंडिविजुअल कुमिते, टीम काता के इवेंट हुए। समापन के मुख्य अतिथि मंत्री सोहन लाल श्रीमाली और विशिष्ट अतिथि धीरेंद्र कुमार सैनी (असिस्टेंट कमिश्नर स्टाम्प), डॉ. रामप्रकाश (क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट), समाज सेवी रवि प्रकाश मानव अकादमी के अध्यक्ष भिक्षु चंदिमा थेरो व इंटरनेशनल जज सिहान तारक नाथ सरदार, सेंसेई अनिता सिंह ने विजेता टीम को ट्रॉफी दी।
रेफरी कौशिक अधिकारी, अजय जावा, शरद काम्बली, रामराव राठौर, मनोज बार्डे , संदीप कुमार, अंबिका भारद्वाज, नितिन भाटी, गणेश नायक, मोहन कोडंगकेल, अजय वर्मा, कुंजन मौर्या, महेश गुप्ता, शैलेश पटेल, श्रवण कुमार, प्रभु प्रकाश, खुशबू मौर्या रहे। मौके पर आयोजन समिति में अध्यक्ष सिहान छत्रपाल नामदेव, किसलय मानव, श्वेत प्रकाश यादव, आफताब आलम, ज्योति सिंह मौजूद रही।
स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी
आयुष राय पैरा (स्पेशल ग्रुप) भेदुरया बक्शी, त्रिशान चक्रवर्ती, फलक निखार, दायरा मोहन, अंश कुमार रवि, नीतीश, आर्यन, अनिकेत, रुद्रप्रताप, नव्या , आरव, सौम्या, समृता, अमरीश, ऋषि, स्पृहा, आयुष, राजवंश सिंह जावा, अवन कुमावत, आइशा, प्रदीप, राइमा अधिकारी, चंद्रिमा, मौमिता, शैव्या, पंखुडी, शौर्य विक्रम। सीनियर कैटेगरी में पूनम सिंह, शिवानी, अंशु गौतम, सौरभ, कुशाग्र केली, रजत तिवारी, आशुतोष सिंह, रोहित मौर्या, सत्यनारायण मौर्या, शुभम जायसवाल।
बोले खिलाड़ी
- कराटे आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम हैं। पिछले दो साल में आठ मुकाबलों में से तीन में स्वर्ण पदक हासिल किया। -शगुन द्विवेदी, रीवा
- कराटे सीखने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है। खेलने के बाद पढ़ने में भी मन लगता है। यह लगातार दूसरे वर्ष पदक हासिल किया है। -रूद्र यादव, ग्वालियर
- पिताजी ने कराटे एकेडमी में नामांकन करा दिया। पहले ही वर्ष मैने प्रादेशिक प्रतियोगिता में पदक जीत लिया। -पारूल जावा, राजस्थान
- पिछले तीन साल से कराटे खेल रही हूं। इसमें जिलास्तरीय, प्रादेशिक और राष्ट्रीय लेवल की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। -फलक, लखनऊ
- कराटे से मन में साहस बढ़ता है। मैने दो दिनों में दो स्वर्ण पदक जीते और प्रतियोगिता में शानदार अनुभव रहा। -आराध्या ठाकुर, वाराणसी