सामरिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के बीच भारत और रूस खेलों के विकास पर भी साथ-साथ काम करेंगे। तीन से नौ सितंबर तक रूस में होने वाले दसवें एशियन पैसिफिक यूथ स्पोर्ट्स गेम्स में देश के प्रशिक्षु खिलाड़ी हिस्सा लेकर खेलों में प्रतिभा दिखाएंगे।
भारतीय बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान एवं वर्तमान प्रशिक्षक दिव्या सिंह अंडर-16 टीम को लेकर रूस गई हैं। वहीं, प्रधानमंत्री दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को रूस रवाना हो गए, वे रूस में राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर बातचीत करेंगे।
वाराणसी निवासी बास्केटबाल प्रशिक्षक दिव्या सिंह ने बताया कि विभिन्न देशों की टीमों के साथ मिलकर खेलों की आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के बारे में भी जानेंगे। यह पहली बार होगा कि भारतीय खेल प्राधिकरण से जुडे़ प्रशिक्षु खिलाड़ी किसी दूसरे देश में जाकर न सिर्फ वहां दुनिया भर से जुटने वाले हमउम्र खिलाड़ियों से अपने अनुभव साझा करेंगे, बल्कि प्रशिक्षण के आधुनिक तकनीक और खेलों के उम्दा प्रबंधन से भी रूबरू होंगे।
रूस के ब्लीदीकोस्तोक में हो रहे दसवें एशियन पैसिफिक यूथ स्पोर्ट्स गेम्स में भारत के अलावा जापान, चीन, थाईलैंड, मंगोलिया, रूस, लाओस, दक्षिण कोरिया की टीमें हिस्सा ले रही है। सात दिनों तक इस आयोजन में बास्केटबाल, टेबल टेनिस, बैंडमिटन, शतरंज, जूडो, तैराकी, बीच वालीबॉल के मुकाबले होंगे। इन खेलों में भारत के प्रशिक्षु खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
दिव्या को बास्केटबॉल टीम का जिम्मा
भोजूबीर निवासी गौरीशंकर सिंह और उर्मिला सिंह की पांच बेटियों में एक दिव्या सिंह बास्केटबॉल में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। दिव्या राष्ट्रीय महिला बास्केटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व क र चुकी हैं। दिव्या खेलो इंडिया मुहिम से जुड़कर 20 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रही हैं।
बास्केटबॉल कोच दिव्या ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि दो दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री रूस आ रहे हैं। एयरपोर्ट से लेकर होटल तक के रास्ते में सड़क के दोनों तरफ मोदी की बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनर लगे हुए हैं। इससे यह पता चलता है कि मोदी रूस में कितने लोकप्रिय हैं।
दिव्या ने कहा कि इस टूर से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन तो मिलेगा ही साथ ही उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा भी मिलेगी। यह दौरा युवा खिलाड़ियों के लिए यादगार होगा।