श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण की तीसरी वर्षगांठ हिंदू कैलेंडर के अनुसार मंगलवार को मनाई गई। आचार्य पं. गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ और पं. विश्वेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने धरती के सात अमर चिरंजीवियों की पूजा कराई। इनमें भगवान हनुमान, अश्वत्थामा, बलि, व्यास, विभीषण, कृपाचार्य और परशुराम के विशेष मंत्रों का जाप किया गया। मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्वभूषण मिश्र शास्त्रीय पूजा के यजमान बने।
धाम में पंचमुखी हनुमान जी मंदिर (ढुंढिराज गणेश के पास) में विशिष्ट शास्त्रीय पूजन हुआ। साथ ही नवग्रह आराधना और महामृत्युंजय होम कराकर विश्व कल्याण और सनातन विजय की कामना की गई। इसी के साथ धाम में चार दिवसीय लोकार्पण उत्सव शुरू हो गया।
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉरिडोर का लोकार्पण किया था। इस साल 10 दिसंबर को ही ये तिथि पड़ी। वहीं, ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 13 दिसंबर को कॉरिडोर के तीन साल पूरे होंगे।
13 को होगा नंदी अभिषेक, शाम को गूंजेंगे अभिजीत के भजन
सीईओ विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि लोकार्पण उत्सव में 12 दिसंबर को महारुद्र पाठ होगा। 13 दिसंबर को सुबह धाम परिसर स्थित सभी देव विग्रह का अभिषेक कर शास्त्रोक्त विधि से पूजा होगी। इस दिन प्रदोष तिथि होने से नंदी अभिषेक किया जाएगा। दोपहर में एक बजे से वैदिक यज्ञ जयादी होम होगा। चातुर्वेद परायण और मंदिर चौक परिसर में मंदिर न्यास के अर्चकों और कार्मिकों के लिए शंकर नेत्रालय की ओर से निशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया जाएगा। शाम को शिवार्चनम संध्या में बॉलीवुड गायक अभिजीत घोषाल के अलावा स्थानीय कलाकारों में नीरज सिंह, देवव्रत मिश्र आदि की प्रस्तुतियां होंगी।