शासन-प्रशासन की ओर से त्योहारों पर निर्बाध आपूर्ति के निर्देशों के बाद जर्जर तार बदले जा रहे हैं। ट्रांसफार्मरों का फ्यूज भी बदला जा रहा है। इन सबके बीच नवरात्र में बिजली की बेहतर आपूर्ति करना बिजली निगम के लिए बड़ी चुनौती बनी है।
पिछले एक सप्ताह से बिजली की खपत बढ़कर 650 तक पहुंच गई है। इस समय पंडालों में साज-सज्जा के लिए अधिक रोशनी वाले झालर, हैलोजन आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण भी लगाए गए हैं, ऐसे में बिजली की खपत और बढ़ने की संभावना है। इसको देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था की विशेष निगरानी की तैयारी बिजली निगम की ओर से की गई है। उपकेंद्रवार अधिकारियों को अलर्ट किया गया है।
जिले में इस साल 648 दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए हैं। इसमें कई जगहों पर प्रतिमाएं स्थापित भी हो गई हैं। पंडालों की आकर्षक सजावट की गई है। बिजली निगम की ओर से शुरू में ही सबसे अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने की बात कही गई थी लेकिन अब भी बड़ी संख्या में समितियों ने कनेक्शन नहीं लिए हैं।
जिसको पंडाल के पास जहां पोल पर जगह मिला है, वहां से तार जोड़कर बिजली जला रहा है। अब 8 से 12 अक्तूबर तक पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ेगी। ऐसे में प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखना बिजली निगम की भी चुनौती है।
मुख्य अभियंता अरविंद कुमार सिंघल का कहना है कि त्योहार पर निर्बाध आपूर्ति प्राथमिकता है। सभी अधिशासी अभियंता सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को अपने-अपने उपकेंद्र पर बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की मानीटरिंग करते रहने को कहा गया है। जिन जगहों पर केबल, ट्रांसफार्मर में फाल्ट आदि समस्याएं मिल रही हैं, उसका समाधान करवाने को कहा गया है।