सूबे के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार जल्द ही ऐसा मसौदा तैयार करेगी, जिससे भोले की नगरी काशी चमक उठेगी।
गंगा किनारे के 84 घाटों को संवारने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से ‘विजन बनारस’ प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
काशी के प्रमुख संतों की मौजूदगी में गोदौलिया लाठीचार्ज की घटना पर उन्होंने खेद भी जताया। कहा कि काशी ज्ञान-संस्कृति की नगरी है। पुरानी बातें भुलाकर अब यहां से विश्व भर में एकता-प्रेम का संदेश जाना चाहिए।
हमने संतों का हमेशा सम्मान किया है, करते रहेंगे। ये बातें उन्होंने विष्णु संप्रदाय के छठे पीठाधीश्वर यमुनाचार्य महाराज सतुआ बाबा की तीसरी पुण्यतिथि पर बतौर मुख्य अतिथि मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम में कहीं।
भैंसासुर घाट से बजरे पर सवार होकर आश्रम पहुंचे लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल ने सबसे पहले सतुआ बाबा के चित्र पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह, लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल और मौजूद संतों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। शिवपाल ने कहा कि महापुरुष कहीं जाते नहीं हैं।
वह हमेशा लोगों के दिल में रहते हैं। सतुआ बाबा की परंपरा और उनके संदेशों से समाज को हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि घाटों को संवारने के लिए 428 करोड़ रुपये की परियोजना प्रदेश सरकार ने बनाई है लेकिन कोर्ट की ओर से रोक लगने के चलते उस पर काम नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि सभी 84 घाटों के लिए ऐसा ‘विजन बनारस’ वह सिंचाई विभाग की ओर से केंद्र को भेजेंगे, जिससे काशी संवर जाएगी।
महामंडलेश्वर संतोषदास सतुआ बाबा ने शिवपाल की सहजता और उनके संतों के प्रति लगाव की सराहना की।
अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वरपुरी महाराज ने मां अन्नपूर्णा की ओर से आशीर्वाद दिया कि प्रदेश का खजाना भरा रहे, ताकि विकास की गति और तेज हो सके। इस मौके पर महंत आनंद गिरि, काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी, महंत डॉ. कुलपति तिवारी,
जिलाधिकारी राजमणि यादव, एसएसपी आकाश कुलहरि, केपी यादव, लालू यादव, अजय शर्मा, गुलशन कपूर समेत तमाम लोग उपस्थित थे। अध्यक्षता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने की।