किसानों और नौजवानों की आवाज है सपा
आजमी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए भ्रामक सामग्री तैयार किए जाने और राजनीतिक बयानबाजी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने मौजूदा दौर की राजनीतिक बयानबाजी को नौटंकी करार दिया। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी किसानों, नौजवानों और उपेक्षित वर्गों के मुद्दों को उठाती है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन वर्गों की आवाज बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए आजमी ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई का इस्तेमाल सत्ता के जरिए लोगों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है।
आजमी ने विश्वास जताया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से नाराज लोग आने वाले समय में सड़कों पर उतरेंगे और प्रदेश में राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। उनके बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी की चुनावी तैयारियों और सरकार के खिलाफ उसके राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।