म्योरपुर थाना क्षेत्र के रासपहरी गांव में हाथी ने सोमवार की रात जमकर उत्पात मचाया और तीन घरों को गिरा दिया। गनीमत यहीं रही कि लोग बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने ढोल और टीन पीटकर हाथी को डडीहरा के जंगल में भगाया, तब जाकर राहत की सांस ली।
म्योरपुर थाना क्षेत्र के रासपहरी गांव में दो बजे रात हाथी सबसे पहले रामगुलाम के घर पर पहुंचा। जहां उसने घर की दीवार गिरा दी। गनीमत यहीं रही कि लोग बाल-बाल बच गए। इसके बाद मनजीत के घर में धान कूटा कर रखे चावल को आंगन में से अपनी सूंढ़ से खींच कर खा लिया।
वहां हो-हल्ला के बाद रासपहरी के ही कोटरडूबा टोला में पहुंचा, जहां रामचंद्र प्रजापति के घर पर गायों के लिए बने छाजन को उसने गिरा दिया। जिसके नीचे गाय और भैंस दब गई। गाय-भैसों के चिल्लाने की आवाज के बाद घर वाले जाग गए और हाथी को खदेड़ा।
इसके बाद हाथी जयपाल के घर पहुंचा,जहां जयपाल की पत्नी मनबस ने दरवाजा खोलकर उसे थाली में मक्का खाने को दिया, थोड़ी देर में ग्रामीणों ने हल्ला शुरू किया तो वह थाली को अपने पैर से दबाकर तोड़ता हुआ उसके बरामदे को धराशाई कर डडीहरा जंगल की ओर भाग गया।
रात भर ग्रामीण दहशत के मारे सो नहीं सके। मंगलवार की सुबह हाथी के जरिए किए गए नुकसान की सूचना लोगों तक पहुंची। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण हाथी के आने को लेकर सहमे हुए हैं।
इससे पूर्व एक बजे रात वन विभाग की टीम कुंडाडीह गांव में ब्लॉक बंधी में हाथी के होने को लेकर हो-हल्ला की तो हाथी वहां से निकल कर रासपहरी का रुख कर लिया। इसके बाद उसने रासपहरी में अपना तांडव मचाया।