कभी बीहड़ों में आतंक का पर्याय बने नक्सली अब लोकतंत्र में पूरी तरह से रम चुके हैं। आत्मसमर्पण के बाद सामाजिक सरोकारों से जुड़े नक्सलियों की सेवा प्रशासन अब विधानसभा चुनाव में फर्जी वोटिंग रोकने के लिए लेगा। इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी की देखरेख में थानावार कमेटी बनेगी।
इसके अध्यक्ष आत्मसमर्पित नक्सली होंगे। इसमें स्वच्छता निगरानी समिति के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। समिति फर्जी मतदान रोकने, मतदान प्रतिशत बढ़ाने और नक्सल फ्रंट पर सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहयोग करेंगे।
सोनभद्र की सीमा से सटे झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बिहार राज्य है। इन राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में नक्सल गतिविधियां अभी थमी नहीं हैं। ऐसे में यूपी के विधानसभा चुनाव में इन राज्यों के नक्सली खलल भी पैदा कर सकते हैं।
शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए सोमवार को इंटर स्टेट बार्डर की बैठक हो चुकी है, जिसमें संयुक्त ऑपरेशन की रणनीति तैयार हुई है।
अब प्रशासन ने चुनाव को लेकर नक्सलियों का भी सहयोग लेने का निर्णय लिया है। इनमें उन पूर्व नक्सलियों को शामिल किया जाएगा जो आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन जी रहे हैं।
बूथ अवरनेस ग्रुप, नक्सलियों की कोर कमेटी करेगी काम
313 प्रत्याशियों पर तीन साल के लिए लगा प्रतिबंध
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जिले के सीमावर्ती नक्सल प्रभावित गांवों में फर्जी मतदान रोकने, मतदान प्रतिशत बढ़ाने और नक्सल फ्रंट पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए थानावार कमेटी गठित होगी।
नक्सलियों की अध्यक्षता में गठित होने वाली यह कमेटी चुनाव के साथ सामाजिक सौहार्द कायम रखने, स्वच्छता अभियान में सहयोग करने का काम करेगी।
नक्सलियों की अलग से एक कोर कमेटी भी गठित होगी जो हर नक्सल प्रभावित बूथ पर जाकर लोगों से फर्जी वोटिंग रोकने की अपील करेगी। थानावार बनने वाली कमेटी में एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी भी शामिल किये जाएंगे। 20-20 सदस्यों की समिति बनेगी।
डीएम सीबी सिंह का कहना है कि चार राज्यों की सीमा पर स्थित नक्सल प्रभावित बूथों पर सकुशल चुनाव संपन्न कराने के लिए बूथ अवरनेस ग्रुप के साथ आत्म समर्पण कर चुके नक्सलियों की कोर कमेटी बनेगी।
इसी कमेटी की अगुवाई में मंडलायुक्त से लेकर जिले के अन्य अफसर गांवों में चौपाल लगाएंगे और निष्पक्ष, निर्भिक मतदान के लिए लोगों को जागरूक करेंगे।