इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। रात करीब एक बजे सबसे पहले डाक बम कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं और अन्य कांवड़ियों के जलाभिषेक का क्रम शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। इस दौरान पूरा शिवद्वार धाम हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा।
शिवद्वार धाम के प्रधान पुजारी सुरेश गिरि ने बताया कि देर शाम तक करीब 60 हजार कांवड़ियों और 10 हजार डाक बम कांवड़ियों समेत डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन और जलाभिषेक कर चुके थे। उधर, गौरीशंकर धाम, बरेला महादेव, रॉर्बट्सगंज के वीरेश्वर महादेव, सोमनाथ मंदिर, रौंप स्थित पंचमुखी महादेव सहित अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महिला-पुरुषों ने कतार में लगकर भूतभावन भगवान शिव का जलाभिषेक और आराधना की।
बारिश में भी नहीं थमा कांवड़ियों का उत्साह
विजयगढ़ दुर्ग स्थित राम सागर और मिर्जापुर की गंगा नदी से कांवड़ में जल भरकर हजारों कांवड़िए शिवद्वार पहुंचे। बारिश और रिमझिम फुहारों के बीच भी उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई। मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही और प्रयागराज से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंचे। कांवड़ यात्रा के दौरान 50 से अधिक आकर्षक झांकियां निकाली गईं। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर कांवड़िए नाचते-गाते और बोल बम का जयघोष करते हुए शिवद्वार पहुंचे। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों का स्वागत किया।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की गई। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी पुलिसकर्मी लगातार सक्रिय रहे। अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) ऋषभ रुनवाल, एसडीएम विशाल कुमार, सीओ राजेश कुमार राय और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।