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कोई बस से पहुंचा रोमानिया तो किसी को नहीं मिला साधन

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जिले के छह होनहार एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए हैं। वहां के विभिन्न शहरों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। इसी बीच रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हो गया। इससे छात्र-छात्राओं के परिजनों की चिंता बढ़ गई। तमाम प्रयासों के बाद शनिवार और रविवार को कुछ छात्र वहां से बस में सवार होकर रोमानिया पहुंचे तो कुछ भीड़ के कारण साधन पाने से वंचित रह गए। इधर, परिवार के लोगों की चिंता अभी भी बरकरार है। बच्चे कहां पहुंचे, कब तक अपने वतन लौटेंगे इस बात की चर्चा फोन करके कर रहे हैं। आलम यह है कि जिन छात्र-छात्राओं का फोन नहीं लग रहा है तो उनके परिजन चिंतित हो जा रहे हैं।
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गोपीगंज के चिंत्रांश गुप्ता ने बताया कि वह अपने देश लौटने के लिए साधन के प्रयास में थे, लेकिन स्टेशन से वापस लौटना पड़ा। वहां से वापस जाने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। बताया कि कुछ छात्र रोमानिया होते हुए जा रहे हैं। अभोली ब्लाक स्थित सागरपुर निवासी डॉ. सुभाष चंद्र बिंद के पुत्र वरुण कुमार बिंद विनितसिया यूनिवर्सिटी यूक्रेन से सुबह ही बस सभी छात्रों को सुरक्षित रोमानिया पहुंचा दी। और वहां से फ्लाइट से शिफ्टवाइज भेजा जा रहा है। वरुण ने कहा कि जल्द ही हम अपने देश पहुंच जाएंगे। चौरी क्षेत्र के कोल्हड़ ग्रामसभा निवासी वीरेंद्र कुमार मौर्या की पुत्री प्रिया मौर्या रविवार को घर के लिए रवाना हो गई। भाई आकाश मौर्या ने बताया यूक्रेन से निकली बहन रविवार दोपहर तक रोमानिया बार्डर तक पहुंच गई। भाई ने बताया कि भीड़ के कारण जाम जैसे हालात हैं। कहा कि स्थानीय आला अफसरों ने इस मामले में जानकारी ली है।
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