एसटीएफ की गिरफ्त में जौनपुर निवासी ललित कुमार यादव।
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इसी बीच परीक्षा केंद्र के बाहर से ललित यादव को गिरफ्तार किया गया। जौनपुर के पवारा थाना अंतर्गत उमरगंज के रहने वाले ललित यादव के प्रथम पाली की परीक्षा बिहार नालंदा निवासी बिट्टू सिंह ने दिया था, जिसकी एसटीएफ को तलाश है। एटीएफ की पूछताछ में आरोपी ललित ने बताया कि द्वितीय पाली की परीक्षा के लिए रंजय के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर किया था।
टीईटी पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह में मुख्य भूमिका निभाने वाले बनारस के सोनू कुमार की तलाश तेज हो गई है। एसटीएफ वाराणसी इकाई और लखनऊ इकाई सोनू की खोजबीन में जुट गई है। पकड़े गए अभ्यर्थियों ने एसटीएफ की पूछताछ में यह कबूला है कि बनारस के रहने वाले सोनू ने ही परीक्षा में सॉल्वर का इंतजाम किया है।
वाराणसी और प्रयागराज में सॉल्वर बैठाने की उसकी योजना बनी थी। अधिकतर सॉल्वर पटना से ही बुलाए गए थे। एसटीएफ लखनऊ इकाई के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ल ने बताया कि सूचना मिली थी कि वाराणसी और प्रयागराज में असली अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा देने की योजना है।
बनारस में रहने वाले सोनू कुमार द्वारा बिहार से सॉल्वर बुलवाया गया है। इसी क्रम में जौनपुर के रहने वाले अभ्यर्थी ललित यादव की जानकारी हुई। प्रयागराज स्थित परीक्षा केंद्र के बाहर से ललित यादव को गिरफ्तार किया गया। सोनू के संपर्क में रहे सोनभद्र डाला निवासी अनुराग को भी सॉल्वर के रूप में प्रयागराज से दबोचा गया। सभी ने सोनू के नाम पर मुहर लगाई। वहीं बिहार नालंदा के रहने वाले रंजय कुमार और बिट्टू सिंह सहित अन्य कई सॉल्वरों से सोनू के कनेक्शन मिले हैं।
टीईटी पेपर में एक सॉल्वर को ढाई लाख रुपये पर सेट किया गया था। जबकि एक अभ्यर्थी से पांच लाख रुपये सॉल्वर गिरोह ने तय किए थे। परीक्षा देने के लिए सॉल्वरों को खाते में 50 हजार रुपये दिए गए थे तो वहीं परीक्षा बाद दो लाख रुपये और खाते में भेजे जाते। जबकि गिरोह ढाई लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी अपने पास रखता।