5 साल में हो जाएगा सामान्य
जिले की मिट्टी में सुधार को देखते हुए आगे और बेहतर हो सकता है। राजेश राय ने बताया कि पांच साल में मिट्टी की जरूरत के लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे और अतिरिक्त तत्वों की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए किसान रासायनिक उर्वरक के बजाय हरी खाद, वर्मीकंपोस्ट का प्रयोग करें। बताए जा रहे वैज्ञानिक तरीके से खेती करें तो मिट्टी के साथ उनका उत्पादन भी बढ़ेगा।
फसल चक्र से होगा और बेहतर
किसान खेती में पहले से चली आ रही फसल चक्र की परंपरा को कायम रखते हुए इसको अपनाएं। राजेश राय ने बताया कि फसल चक्र का मतलब साल में दोनों सीजन में बदल कर फसलों की बोआई करें। एक सीजन में छोटी और दूसरे में लंबे जड़ वाली फसलों की बुआई करवाएं। इससे मिट्टी अपने पोषक तत्व को प्राप्त कर लेती है। अगर, तीन सीजन में फसल उगाते हैं तो उसके जरूरी तत्व को दें, तभी मिट्टी की औसत क्षमता कायम रहेगी।
बोले अधिकारी
कृषि विभाग की योजनाएं व किसानों में जागरूकता आने से मिट्टी में सुधार हो रहे हैं। हालांकि जिन तत्वों की कमी है और उसके प्रयोग लगातार करने होंगे, तभी संपूर्ण सुधार की ओर बढ़ सकते हैं। - राजेश राय, सहायक निदेशक मृदा, क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला