उत्तर प्रदेश पुलिस अब फेसबुक और ट्विटर पर भी शिकायतें सुन रही है। शिकायतों पर फौरन कार्रवाई भी हो रही है। अगर आप छेड़खानी, हिंसा की शिकार हो रही हैं और थाने जाने से हिचकती हैं तो सोशल मीडिया के सहारे भी अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकती हैं। ट्विटर, फेसबुक समेत वाट्सएप पर भी आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यकीन मानिए पुलिस आपकी समस्याओं का निदान करेगी और आपको न्याय मिलेगा।
ये बातें ग्रामीण पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने राजकीय महिला महाविद्यालय डीरेका की छात्राओं से संवाद के दौरान शुक्रवार को कहीं। खुले संवाद और परिचर्चा का यह मंच मिला अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से महाविद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला में। आयोजन के मुख्य अतिथि तिवारी ने छात्राओं को हाईटेक पुलिसिंग की जानकारी दी। सोशल मीडिया से लेकर यूपी पुलिस की वेबसाइट, सिटीजन कॉप मोबाइल एप्लीकेशन, वुमेन पावरलाइन 1090, पावर एंजल्स के बारे में बताया।
इस दौरान छात्राओं ने उनसे सवाल किया कि न्याय की गुहार लेकर थाना या पुलिस चौकी जाने वाली जनता के साथ पुलिस दुर्व्यवहार क्यों करती है? आखिर जनता पुलिस के पास जाने से क्यों डरती हैं? इसके लिए पुलिस महकमा क्या कर रहा है? सवालों के जवाब देकर उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि पुलिस आपकी सेवा के लिए ही है लेकिन सहयोग आपकी तरफ से भी मिलना चाहिए। उन्होंने कॉलेज में एक शिकायत पेटिका रखने का सुझाव भी दिया। कहा,हर महीने कोई महिला पुलिसकर्मी आकर उन शिकायतों को देखेगी। उनके समाधान के लिए आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। स्वागत कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मृदुल कुमारी ने किया। संचालन डॉ. रचना शर्मा ने किया।