वाराणसी। वसंता महिला महाविद्यालय, राजघाट और श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस, कर्नाटक के बीच तीन दिन की संगोष्ठी हुई। भारत में लैंगिक समानता: अवसर और चुनौतियां विषय पर देश भर से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जुटान हुई। मुख्य वक्ता बंगलुरु यूनिविर्सटी की प्रो. सुधेष्णा मुखर्जी ने कहा कि लैंगिक समानता तब ही संभव है जब हम अपने शैक्षिक ढांचे और पारिवारिक सोच में बदलाव लाएं। वसंत महिला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अलका सिंह ने कहा कि एक महिला के शिक्षित होने से पूरा राष्ट्र शिक्षित होता है। एलजीबीटीक्यूआईए समुदाय के लोगों को भी मुख्य धारा में लाया जाए। इस कार्यक्रम में 30 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। ब्यूरो