दानगंज के नियार में बैंक के बाहर जुटी भीड़।
नोटबंदी के लिए करीब डेढ़ महीने से कैश की किल्लत से जूझ रही जनता के लिए शनिवार का दिन कहीं राहत भरा रहा तो कहीं पहले की तरह बैंकों में लोग जूझते नजर आए। ग्राम्यांचल के बहुत से बैंकों में कैश पहुंचने से ग्राहकों के साथ कर्मचारियों ने भी राहत महसूस की। वहीं, चौबेपुर और दानगंज क्षेत्र के बैंकों में लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि ज्यादातर एटीएम अभी भी बंद हैं।
चौबेपुर के ओरियंटल बैंक, स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक और कोआपरेटिव बैंक में दिन भर लोगों की भीड़ जुट गई। इन बैंकों से ग्राहकों को दो से पांच हजार रुपये तक दिए गए। इसी तरह दानगंज क्षेत्र के खेती, गृहस्थी का काम छोड़ सुबह से ही लोग बैंकों में पहुंच गए। बैंक खुलने के पहले ही लंबी कतारें लग गईं। नियारडीह स्थित काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक सुबह 10 बजे खुलने के बाद मैनेजर ने जब कैश होने की बात बताई तो लोगों ने राहत की सांस ली। यहां भी लोगों को एक से दो हजार रुपये दिए गए।
राजातालाब क्षेत्र में जक्खिनी स्थित यूबीआई में लोगों को रुपये नहीं मिले। जक्खिनी के शिवचंद्र, उपेंद्र सिंह और मुकेश आदि ग्राहकों ने बताया कि बैंक मैनेजर कैश न होने की बात कह कई दिन से लौटा दे रहे हैं। वहीं, रोहनिया क्षेत्र के बैंकों में भीड़ कम रही। इसी तरह पिंडरा इलाके के बैंकों में भी मारामारी नहीं रही और लोगों को रुपये भी वितरित किए गए। हालांकि पिंडरा, दानगंज समेत कई इलाकों में ज्यादातर एटीएम बंद रहे।
राजातालाब में सांसद आदर्श ग्राम जयापुर में शनिवार को हथकरघा एवं खादी ग्रामोद्योग कार्यरत महिलाओं को कैशलेस भुगतान के प्रति प्रेरित किया गया। उन्हें मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन ट्रांजक्शन के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान सीएससी के जिला प्रबंधक प्रेम नारायण सिंह, उमेश राय और ग्राम प्रधान नारायण पटेल आदि मौजूद थे।