न पहले दी जानकारी, न बाद में मेसेज
इसका कोई मेसेज न तो सोलर यूनिट लेने के बाद उपभोक्ता को मिला और न ही पहले दिया गया। अब जब लोगों ने अप्रैल का बिल बिजली निगम के एप से डाउनलोड किया तो सोलर यूनिट मर्ज होने की जानकारी मिली। उपभोक्ता यह भी कह रहे हैं कि निगम की ओर से उपभोक्ताओं के बिजली अकाउंट में 2 रुपये प्रति यूनिट से धनराशि दी गई है, लेकिन निगम की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं को 5.50 रुपये प्रति यूनिट से बिजली दी जाती है।
भिटारी निवासी दिनेश ने अपने घर 3 किलोवाट का सोलर यूनिट लगवाया है। अप्रैल महीने में जब बिल डाउनलोड किया तो उसमें मार्च महीने तक की सरप्लस करीब 800 यूनिट बिजली मर्ज कर ली गई। इसकी जानकारी तब मिली जब माइनस में चल रहा बिल अचानक प्लस में आ गया। बताया कि इसका कोई मेसेज न तो निगम के एप पर दिखा और न ही मोबाइल पर आया।
लोगों ने बताई समस्या
हथियानवीर बाबा कॉलोनी की मंजुला के बिजली खाते में मार्च महीने तक 500 यूनिट बिजली सरप्लस थी। अप्रैल में जब बिल डाउनलोड किया तो उसमें से केवल 83 यूनिट सरप्लस दिख रहा है। बाकी यूनिट मर्ज कर ली गई। इसका कोई मेसेज नहीं आया। बिजली निगम की ओर से सोलर यूनिट को क्यों मर्ज किया गया, यह समझ में नहीं आ रहा है।
शिवनगर कॉलोनी निवासी प्रवीण विश्वकर्मा ने 4 किलोवाट सोलर पैनल लगवाया है। बताया कि बिजली निगम के अकाउंट में मार्च महीने तक करीब 1200 यूनिट सरप्लस दिख रही थी। इस महीने जब बिल डाउनलोड किया तो 2400 रुपये क्रेडिट बिल में लिखा। मीटर का चार्ज काटकर 2160 रुपये अकाउंट में भेज दिया गया।
सूजाबाद निवासी प्रमिला देवी का 3 किलोवाट का सोलर पैनल है। उनका मार्च महीने तक सरप्लस हुआ करीब 326 यूनिट बिजली को निगम की ओर से मर्ज कर लिया गया। अकाउंट में इसका 653 रुपये क्रेडिट हुआ है। बताया कि अगर बिल के माइनस में जाने का हर दिन का मेसेज मोबाइल पर दिया जा रहा है तो सोलर यूनिट मर्ज करने का मेसेज क्यों नहीं दिया गया।
सोलर वाले उपभोक्ताओं के सरप्लस यूनिट को नियमानुसार मर्ज करने का प्रावधान है। यह बात अलग है कि निगम के अधिकृत पोर्टल पर इसका कोई मेसेज फिलहाल नहीं चलता है, न ही उपभोक्ताओं को मेसेज दिया जाता है। जो भी किया गया है, वह नियमानुसार हुआ है। - राकेश कुमार, मुख्य अभियंता
बिजली निगम की ओर से सभी उपभोक्ताओं को पूरी, सही और समय से जानकारी देना उनका अधिकार है। इसका उल्लंघन हुआ है तो उपभोक्ता परिषद इस मामले को नियामक आयोग में उठाएगा। - अवधेश वर्मा, अध्यक्ष राज्य उपभोक्ता परिषद