ऑल इंडिया कुरैशी विकास मंच, भाकपा माले एवं अलकुरैश वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले मीट कारोबारियों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक मुख्यालय पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार ने वैध स्लाटर हाउस को भी बंद करा दिया है। स्लाटर हाउस बंद होने से प्रदेश में हजारों लोगों के सामने रोजीरोटी का संकट आ गया है। एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय को पत्रक सौंप धमकी भरे लहजे में कहा कि यदि रमजान पूर्व स्लाटर हाउस खोलने का आदेश नहीं दिया गया तो वे कानून तोड़ने को बाध्य होंगे। पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा।
तीनों संगठनों से जुड़े लोगों ने नदेसर स्थित छोटी कटिंग मेमोरियल से लेकर जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला। राज्य स्तरीय प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि प्रदेश में करीब 90 फीसदी स्लाटर हाउस वैध हैं। इसके बाद भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में सरकार मीट कारोबारियों का उत्पीड़न कर रही है। मुर्गा और बकरे का मीट बेचने वालों को भी पुलिस और प्रशासन परेशान कर रहा है। वह डीएम योगेश्वर राम मिश्रा से मिलने की जिद पर अड़े थे लेकिन मौके पर उनके प्रतिनिधि के रूप में एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय ज्ञापन लेने पहुंचे।
एसपी सिटी राजेश यादव, सीओ कैंट, सीओ चेतगंज समेत कई थानों की फोर्स भी थी। ज्ञापन लेने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अगर रमजान से पूर्व स्लाटर हाउस चालू नहीं हुआ तो वह सड़कों पर उतरेंगे। प्रदर्शन करने वालों में मनीष शर्मा, सरिता पटेल, अमान अख्तर, अब्दुल कु रैशी, आसिफ कुरैशी, शाहिद कुरैशी, इब्राहिम, सिराज, मुख्तार, आरजू आलम आदि शामिल थे।