Varanasi News : बीएचयू में आयेाजित हो रहे तीन दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एडनेट में विभिन्न आयामाें पर चर्चा होगी। इसके साथी ही शिक्षा को और प्रसारित कैसे किया जाए इस पर भी गहनता से बातचीत की जाएगी।
बीएचयू में तीन दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एडनेट में फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट के निदेशक व आईपीएस गोस्वामी ने कहा कि जब वो वाराणसी के एसपी थे तो 2006 के बम धमाकों में तबाही देखी थी।
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विज्ञान में नौकरी की संभावनाएं, कानून के कई कार्यों में विज्ञान का प्रयोग हो रहा है। बातचीत में उन्होंने कहा कि आजकल छात्रों का कौशल विकास नहीं हो रहा, सिर्फ डिग्री बांटी जा रही है। हड़प्पा सभ्यता की खोज के 100 वर्ष पूरे होने की उपलब्धि को लेकर व्याख्यान हुआ। विशिष्ट अतिथि भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण के निदेशक प्रो. भल्लमूडी वी. शर्मा ने कहा कि हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खोज में अभी कई रहस्यों का पता चलना बाकी है। उन्होंने नर्मदा घाटी से प्राप्त पाषाण कालीन अस्थियों की चर्चा की।
एडनेट का शुभारंभ विज्ञान संस्थान के संकाय प्रमुख प्रो. एसएम सिंह और विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद आचार्य ने किया। ई-अभिलेख पुस्तिका का उद्घाटन किया गया। यूरोप के प्रो. जॉर्ज वैन ड्रिम ने कहा कि भाषा और अनुवांशिकी के बीच दिलचस्प कनेक्शन है। प्रो. तन्मय भट्टाचार्य ने पूर्वोत्तर भाषा की बात की। जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, प्रो. मधु जी तापड़िया मौजूद रहे।