पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने दुबहड़ थाने की कमान रेवती थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल को सौंपी है, जबकि अजय पाल को बांसडीह रोड थाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक तैनात किया गया है। रामगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी राज केशर को रेवती थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।
मनियर थाने के उपनिरीक्षक सुधीर चौहान को रामगढ़ चौकी प्रभारी, रतसर चौकी प्रभारी सुधीर चौहान को सीयर चौकी प्रभारी, सीयर चौकी प्रभारी मुकेश कुमार को बैरिया कस्बा चौकी, बैरिया कस्बा चौकी प्रभारी धनंजय सिंह को मनियर थाना, बांसडीह के उपनिरीक्षक बांक बहादुर सिंह को रतसर चौकी, हल्दी थाने के उपनिरीक्षक भैयालाल तथा सदर कोतवाली के शिवभुवन दुबे को बाँसडीह कोतवाली और नगरा थाने के उपनिरीक्षक वीरेंद्र विश्वास को बिचलाघाट चौकी प्रभारी बनाया गया है।
पशु तस्करों के मददगार पुलिसकर्मी करते थे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर बात
पशु तस्करी में मददगार 6 पुलिस कर्मियों के निलंबन के बाद अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी पुलिसकर्मी व्हाट्स एप और इंस्टाग्राम कॉल के जरिए बात करते थे ताकि उनकी बातचीत की रिकाॅर्डिंग न हो सके। गिरफ्तार पशु तस्करों से मिली जानकारी और साक्ष्यों के बाद अन्य थानों और पीआरवी में तैनात कई पुलिसकर्मी जांच के दायरे में आ गए हैं।
पशु तस्करी में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता उजागर होने के बाद एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसपी ओमवीर सिंह ने पूरे मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा को साैंपी है। पशु तस्करों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम कॉल डिटेल की जांच की जा रही है।
सर्विलांस टीम तस्करों के संपर्क में रहे लोगों की पहचान में भी जुटी है। जांच का दायरा बिहार सीमा से सटे नरहीं, चितबड़ागांव, फेफना, गड़वार, सुखपुरा, सदर कोतवाली, दुबहड़, हल्दी, बैरिया, रेवती, सहतवार, बांसडीह, मनियर, सिकंदरपुर और उभांव समेत कई थानों और कोतवाली तक पहुंच गया है। इन क्षेत्रों में पहले भी शराब और पशु तस्करी को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।
एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि तस्करी में संलिप्तता मिलने की पुष्टि होने पर कार्रवाई तय है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो आरोपी पुलिसकर्मियों को पुलिस सेवा में रहने का अधिकार नहीं है। मामले में बर्खास्तगी की जाएगी। - पीयूष मोर्डिया एडीजी जोन।
ये है पूरा मामला
फेफना पुलिस और एसओजी की टीम ने 16 जून की रात वैना रेलवे क्रॉसिंग के पास छह वाहनों से 26 पशु बरामद किए थे। दो पशु तस्करों दुबहड़ के सलमान नट और नरही के सलमान अंसारी को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बताया था कि तस्करी में कुछ पुलिसकर्मी मदद करते थे।
एक अन्य मुठभेड़ में गिरफ्तार नरही क्षेत्र के मदन मोहन यादव ने पूछताछ में सदर कोतवाली की ओक्डेनगंज पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल अमन सिंह, गंगा पार शिवपुर दियर पुलिस चौकी के हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार व कांस्टेबल रिंकू गुप्ता, दुबहड़ थाने में तैनात दीवान दिनेश, मनोज और सिपाही आलोक सिंह का नाम लिया था। इसके बाद एसपी ने शनिवार को सभी छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
नरही कांड से अब तक 200 पुलिसकर्मियों पर हो चुकी कार्रवाई
नरही कांड के बाद से अब तक 200 पुलिसकर्मियों पर विभिन्न मामलों में विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। अधिकांश मामलों का संबंध शराब और पशु तस्करी से रहा है। कार्रवाई की जद में सिपाहियों के साथ उप निरीक्षक और निरीक्षक भी आए हैं। रेवती थाना के गोपालनगर पुलिस चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया था। एक व्यक्ति ने तीनों पर शराब तस्करी कराने का संरक्षण का आरोप लगाया था।