प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान क्या है ?
यह निर्वाचन आयोग का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान है। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। मृत या स्थानांतरित व्यक्तियों के नाम हटाए जाते हैं। नाम, जन्म तिथि, पता, पिता या फिर पति के नाम की त्रुटियों को सुधारा जाता है। मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया की आत्मा है। अगर सूची सटीक होगी तो चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी रहेंगे। 4 नवंबर से बीएलओ घर-घर जा रहे हैं। 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर पहुंचेंगे।
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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बार फोकस 18 से 19 वर्ष के नए मतदाताओं को जोड़ने, गलत प्रविष्टियों को ठीक करने और लोगों को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक करने पर है। जो व्यक्ति 1 जनवरी को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का है और उस क्षेत्र का निवासी है, वह आवेदन कर सकता है। आप अगर अगले छह महीने या एक साल में भी 18 वर्ष के हो रहे हैं तो एडवांस फॉर्म भर सकते हैं।
इस प्रक्रिया में कौन-कौन से फॉर्म इस्तेमाल होते हैं?
- नया नाम जोड़ने के लिए - फॉर्म 6
- नाम हटाने के लिए - फॉर्म 7
- सुधार और स्थानांतरण के लिए - फॉर्म 8
आवेदन की प्रक्रिया क्या है? क्या ऑनलाइन सुविधा भी है?
जी हां। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन भी है। नागरिक https://voters.eci.gov.in या NVSP पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, इच्छुक व्यक्ति अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से भी संपर्क कर सकते हैं।
इस अभियान की निगरानी कौन करता है?
निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ईआरओ) इसकी निगरानी करते हैं जबकि हर बूथ पर बीएलओ नियुक्त रहते हैं जो घर-घर जाकर सत्यापन और सहायता प्रदान करते हैं। बीएलओ मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधारने और हटाने से जुड़े फॉर्म भरने में सहायता करता है। सत्यापन करता है।