केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष तिलकराज मिश्र ने कहा कि दुर्गा पूजा के लिए अनुमति और एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था होनी चाहिए। सिंगल विंडो सिस्टम नहीं होने के कारण पूजा समितियों को थाने से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होनी चाहिए। इस साल दुर्गा पूजा से पूरे देश में स्वच्छ हो काशी, स्वच्छ हो देश का संदेश जाएगा।
शुक्रवार को पराड़कर भवन में प्रेसवार्ता के दौरान अध्यक्ष ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम व्यवस्था और विसर्जन की परंपरागत व्यवस्था के लिए जल्द ही समिति का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अनुमति के लिए पूजा समिति के पदाधिकारियों को थाने से लेकर बिजली विभाग का चक्कर काटना पड़ रहा है। इसके बावजूद उनको अनुमति नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि नौ दिनों की पूजा के बाद विसर्जन का क्षण पूजा समितियों के लिए दुखदायी होती है। शहर के कुंड और विसर्जन स्थलों की हालत बेहद खराब है। कभी-कभी तो विसर्जन के दौरान प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो जाती है। हम लोग शासन व प्रशासन से मांग करेंगे कि परंपरागत तरीके से मूर्ति विसर्जन की अनुमति मिले। पूजा समितियां भी इको फ्रेंडली मूर्ति बनाएंगी। प्लास्टर आफ पेरिस वाली कोई भी मूर्ति विसर्जन के लिए नहीं आएगी। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की तरफ से पूजा समितियों को एक-एक लाख रुपये का आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए।
भ्रांतियों को दूर करने के लिए बनेगी विद्वत परिषद
अध्यक्ष तिलकराज मिश्र ने बताया कि सनानत धर्म की भ्रांतियों को दूर करने के लिए केंद्रीय पूजा समिति विद्वत परिषद का गठन करेगी। विद्वत परिषद समाज में फैली हुई भ्रांतियों का निराकरण करेगी। विद्वत परिषद के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पं. विष्णुपति त्रिपाठी होंगे। विद्वानों की टीम समीक्षा करके भ्रांतियों को दूर करेगी।