बाट-माप की नोटिस से जुड़े मामले में गुरुवार की रात चार व्यापारियों की गिरफ्तारी से सुबह माहौल तल्ख हो उठा। बड़ी संख्या में व्यापारी बाट-माप कार्यालय पहुंच गए। गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उन्होंने कार्यालय का घेराव और नारेबाजी की। एसपी सिटी से भी मिले। उनका कहना था कि जिन व्यापारियों को गिरफ्तार किया गया, उन्हें बाट-माप की ओर से जारी किया गया कोई नोटिस नहीं मिला था।
जबकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी करने के साथ ही तीन महीने की मोहलत दी गई थी। निर्धारित समयावधि तक कोई जवाब न मिलने पर कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यापारियों की गिरफ्तारी की।
मलदहिया स्थित बाट-माप कार्यालय का घेराव करने के बाद पुलिस अधीक्षक (नगर) सुधाकर यादव से मिलने पहुंचे व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मंडल बाट-माप के अधिकारियों पर ज्यादती का आरोप लगाया, साथ ही बिना नोटिस और समन के गिरफ्तारी का विरोध किया। यह भी कहा कि बिना संबंधित क्षेत्र के व्यापार मंडल को विश्वास में लिए ऐसी कोई कार्रवाई न की जाए।
साथ ही, कोई भी नोटिस रजिस्टर्ड डाक से भेजी जाए। एसपी सिटी ने मामले की जांच का भरोसा दिलाया। इस दौरान प्रेम मिश्रा के नेतृत्व में संजीव सिंह बिल्लू, अशोक जायसवाल, अशोक सेठ, प्रतीक गुप्ता, घनश्याम मिश्र, विमल मल्होत्रा, शोभनाथ मौर्या, मनीष चौबे, शोभनाथ विश्वकर्मा, अशोक अग्रहरि सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बता दें कि सोमवार की रात विशेश्वरगंज से तीन सहित कुल चार व्यापारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बाट-माप की ओर से भेजे गए नोटिस के आधार पर यह कार्रवाई हुई थी।