लंका के रविदास गेट पर आयोजित सभा में पहुंचे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता।
आम आदमी पार्टी (आप) ने लंका स्थित रविदास गेट के पास रविवार शाम निषेधाज्ञा तोड़कर सभा की और प्रदेश और केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया। आप नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसे बुनियादों सवालों पर चुप क्यों है। आज देश का किसान कर्ज न चुका पाने की वजह से आत्महत्या कर रहा है और केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों का एक लाख 14 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया। काला धन भले ही देश में नहीं आया मगर देश के लोगों का हजारों करोड़ रुपया डकार कर विजय माल्या फरार हो गए। आप ने यह सभा पूर्वांचल में अपनी चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर की। सभा में प्रदेश भर से पार्टी कार्यकर्ता जुटे थे।
पंजाब के संगरूर से आप सांसद भगवंत मान ने कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति कर रही है। लोकसभा चुनाव में जीत के बाद उसके नेताओं में अहंकार आ गया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में ये अहंकार टूट जाएगा। दिल्ली की तरह पंजाब में भी आम आदमी की प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी। हाल ही में निजी संस्था द्वारा कराए गए सर्वे में ऐसा दावा किया गया है। यूपी में हम सपा-भाजपा का विकल्प बनेंगे। यूपी में गुंडाराज है। सपा-भाजपा के बीच सियासी गठजोड़ है, जिसे 2017 के चुनाव में आप तोड़ देगी। मान ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। कहा कि राहुल हमेशा कहते हैं कि युवा सक्रिय राजनीति में आएं मगर मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे किस दरवाजे से आएं। सारे दरवाजे तो उन लोगों ने बंद कर रखे हैं। वित्त मंत्री जेटली पर चुटकी लेते हुए कहा कि जिन्हें जनता ने नकार दिया वे अब पिछले दरवाजे (राज्यसभा) से संसद में पहुंचे हैं।
आप प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति कर रही है। कैराना प्रकरण इसका उदाहरण है। कैराना के मामले में भाजपा सांसद का झूठ बेनकाब हो चुका है। भारत माता की जय न कहने वालों को भाजपा देशद्रोही बता रही है जबकि कश्मीर में जयकारा लगाने वालों को उसके लोग पीट रहे हैं।
यूपी के एमएलसी चुनाव में भाजपा का चरित्र और चेहरा सब उजागर हो गया है। चुनाव में भाजपा ने अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा किया मगर उनके वोटों से जीता कौन यह बताने की जरूरत नहीं। आप के पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह ने कहा कि बीते 25 मई को साइबर लाइब्रेरी को 24 घंटे खोलने की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन करने की हमें बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। विचारधारा की यह लड़ाई जारी रहेगी। रैली से पूर्व आप नेताओं ने मंच के पास ही सद्भावना यज्ञ किया।
भीड़ को देखते हुए यहां पुलिस के पुख्ता बंदोबस्त थे। एहतियातन कई थानों की फोर्स लगाई गई थी। शाम पांच बजे से शुरू सभा रात नौ बजे तक चली। देर रात लंका पुलिस ने निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में दस नामजद और अज्ञात के खिलाफ शांतिभंग का मुकदमा दर्ज किया।