वर्ष 1986 के चंदौली के चर्चित सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को वादिनी हीरावती का बयान अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय राजीव कमल पांडेय की कोर्ट में दर्ज होना शुरू हुआ।
वादिनी द्वारा अस्वस्थता की बात कहे जाने पर कोर्ट ने बयान दर्ज करना जारी रखते हुए सुनवाई की अगली तिथि 17 जनवरी नियत की है। वादिनी हीरावती ने कहा कि घटना रात 11:30 बजे के लगभग हुई। यह फागुन के आसपास का समय था और उन दिनों रजाई लेकर सोते थे।
उनके पति रामचंद्र बनारस से रात 10 बजे घर लौटे थे। घटना की रात हमने बृजेश और पंचम को छत की सीढ़ी से नीचे उतरते देखा था। मैने टार्च जलाकर देखा तो दोनों को उसी समय पहचान लिया था।
पति के बाहर सोने चले जाने के बाद दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था और अंदर लालटेन जल रही थी। वादिनी का बयान डीजीसी अनिल सिंह, अश्वनी गुप्ता और नदीम अहमद खान ने दर्ज कराया। वादिनी के विधिक पैरोकार राकेश न्यायिक कोर्ट परिसर में मौजूद रहे।