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सिकरौरा नरंसहार कांडः आखिरकार 32 साल बाद शुरू हुई सुनवाई, वादिनी का बयान दर्ज

Fri, 12 Jan 2018 02:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वर्ष 1986 के चंदौली के चर्चित सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को वादिनी हीरावती का बयान अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय राजीव कमल पांडेय की कोर्ट में दर्ज होना शुरू हुआ।
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वादिनी द्वारा अस्वस्थता की बात कहे जाने पर कोर्ट ने बयान दर्ज करना जारी रखते हुए सुनवाई की अगली तिथि 17 जनवरी नियत की है। वादिनी हीरावती ने कहा कि घटना रात 11:30 बजे के लगभग हुई। यह फागुन के आसपास का समय था और उन दिनों रजाई लेकर सोते थे।

उनके पति रामचंद्र बनारस से रात 10 बजे घर लौटे थे। घटना की रात हमने बृजेश और पंचम को छत की सीढ़ी से नीचे उतरते देखा था। मैने टार्च जलाकर देखा तो दोनों को उसी समय पहचान लिया था।
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पति के बाहर सोने चले जाने के बाद दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था और अंदर लालटेन जल रही थी। वादिनी का बयान डीजीसी अनिल सिंह, अश्वनी गुप्ता और नदीम अहमद खान ने दर्ज कराया। वादिनी के विधिक पैरोकार राकेश न्यायिक कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। 
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कोर्ट ने अनुरोध किया नामंजूर 

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इसके बाद वादिनी की अस्वस्थता के कारण सुनवाई की तिथि 17 जनवरी की नियत कर दी गई। अदालत ने 2:10 बजे से चार बजे तक तीन पेज तक वादिनी का बयान दर्ज किया।

उधर, इससे पहले आरोपी एमएलसी बृजेश सिंह के अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए उनके अधिवक्ताओं अशोक सिंह प्रिंस, शैलेंद्र सिंह, दीनानाथ सिंह व देवेंद्र प्रताप सिंह ने उनकी गैर मौजूदगी में बयान दर्ज न किए जाने का कोर्ट से अनुरोध किया।

कोर्ट ने इसे नामंजूर करते हुए कहा की अनुपस्थिति के आधार पर बयान स्थगित नही किया जा सकता। साथ ही, कोर्ट ने वादिनी को पुलिस सुरक्षा में पेश करने के लिए एसपी चंदौली और आरोपी बृजेश सिंह की पेशी के लिए केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को आदेशित किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान काफी संख्या में अधिवक्ता और बाहर आमजन जुटे रहे।
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