नौ दिन चलै ढाई कोस’ वाली कहावत नगर निगम पर बिल्कुल सटीक बैठती है। शहर के 78 बड़े नालों की सफाई के लिए नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग ने फरवरी में 35 लाख रुपये टेंडर कराया था। निगम प्रशासन ने मार्च तक नालों की सफाई का काम पूरा करने का फरमान भी जारी कर दिया लेकिन अब तक हुआ कुछ भी नहीं। महमूरगंज से सिगरा तक नाला सिल्ट और गंदगी से पट गया है। इलाके के लोगों को चिंता सता रही है कि निगम की सुस्ती से इस साल की बारिश भी उनके लिए आफत न बन जाए।
महमूरगंज से सिगरा होते हुए तेलियाबाग तक करीब तीन किमी लंबे नाले की सफाई का काम लटका हुआ है। महमूरगंज से बारिश का पानी नाले के जरिए सिगरा और तेलियाबाग होते हुए वरुणा नदी में जाता है। नाले की ठीक से सफाई न होने पर सिद्धगिरी बाग, छोटी गैबी, अशोक नगर और सोनिया क्षेत्र में कमर तक पानी भर जाता है। देर तक बारिश हुई तो ये इलाके जलमग्न हो जाते हैं। इसके चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बारिश का मौसम करीब होने पर इन इलाकों के बाशिंदों की चिंता बढ़ गई है लेकिन नगर निगम की चाल रफ्तार नहीं पकड़ रही है।