प्रदेश अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मंदिर से अगर मूर्ति और शिवलिंग गायब है तो इसकी जांच करके कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यह मंदिर हिंदुओं का सार्वजनिक मंदिर है और किसी के द्वारा बेचा नहीं गया है। जबरदस्ती इसे अपनी संपत्ति बताकर बंद रखा गया। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने कहा कि नगर निगम से मिले दस्तावेजों के आधार पर यह सिद्ध हो गया है कि मंदिर हिंदुओं का है। इस पर किसी का मालिकाना हक नहीं है।