फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से पर्यटन को मिला नया आयाम, बढ़ा नवाचारों का प्रवाह; सुगम दर्शन की व्यवस्था

Sat, 13 Dec 2025 06:26 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Kashi Vishwanath Temple Varanasi: श्री काशी विश्वनाथ धाम में पर्यटकों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। भक्तों की सुविधा और सहूलियत को लेकर विशेष ध्यान रखे जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन सुरक्षा की निगरानी भी लगातार कर रहा है।
विज्ञापन
श्री काशी विश्वनाथ धाम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Varanasi News: सनातन के ध्वज वाहक नव्य, भव्य और दिव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित किए जाने के बाद धाम भक्तों को भक्ति के साथ नवाचारों का बोध करा रहा है। वर्ष 2024 से शुरू नवाचारों की शृंखला धाम की दिव्यता को और भी निखार रही है। व्रत व त्योहारों से लेकर विशेष तिथियों पर आयोजन शुरू हुए हैं। धाम की निखर रही आभा को निहारने देश-विदेश के भक्तों व पर्यटकों की तादाद में तेजी से इजाफा हुआ है।

विज्ञापन


पिछले दो वर्षों में नवाचारों की शुरुआत हुई है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण ने बताया कि धाम के चार वर्षों में धाम में धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, शिक्षा और भक्तों के सुविधा, सुगम दर्शन और सुरक्षा के कई नए आयाम जुड़े हैं। 

2024 में 6.23 करोड़ और 2025 में 6.66 करोड़ से अधिक भक्तों ने बाबा दर्शन किए। जबकि 13 दिसम्बर 2021 से चार वर्षों में 26 करोड़ से अधिक देशी-विदेशी श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में हाज़िरी लगा चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

श्री काशी विश्वनाथ धाम में हुए नवाचार शुरू
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास चिकित्सालयों एवं संस्कृत विद्यालयों के लिए भोजन व्यवस्था, काशीवासीयों के लिए अलग से प्रवेश मार्ग, विदेशी अंशदान (विनियम) अधिनियम के तहत विदेश में बैठे दर्शनार्थियों के दान सीधे मंदिर न्यास के खाते में जमा करने, वर्चुअल दर्शन, पांचों आरतियों अनुभव वर्चुअल देखने, श्रावण मास, महाशिवरात्रि व विशिष्ट पर्वों पर धाम में श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा से स्वागत, धाम को प्लास्टिक मुक्त करने की पहल, एकीकृत सात्विक प्रसाद निर्माण एवं विक्रय व्यवस्था, धाम में वृद्ध, दिव्यांग, अशक्त व बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं, होली, श्री विश्वेश्वर के धाम से भगवान लड्डु गोपाल के लिए पारस्परिक भेंट का आदान-प्रदान, श्रीकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग एवं श्रीरामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग के बीच जलाभिषेक के लिए पवित्र तीर्थ जल के पारस्परिक आदान-प्रदान आदि शुरू हुए हैं। सांसद संस्कृत प्रतियोगिता, संस्कृत शिक्षा संवर्धन,श्री नंदीश्वर पूजा, चैत्र एवं शारदीय नवरात्र में सिद्धपीठ देवी मंदिरों में वस्त्र व श्रृंगार सामग्री भेजने, देव विग्रह का पूजन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गंगा सप्तमी, गंगा दशहरा, बैकुंठ चतुर्दशी, सीता नवमी, राधा अष्टमी आदि पर्वों पर विशेष पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें