वाराणसी में राजातालाब थाना क्षेत्र के श्रेया हत्याकांड के मुख्य आरोपी विवेक चौबे ने पेशेवर अपराधियों की तरह कोई सुराग नहीं छोड़ा है। हत्या के बाद से क्राइम ब्रांच को उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया है। पुलिस की चार टीमें बिहार, झारखंड और कोलकाता तक उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं। डीसीपी गोमती जोन की ओर से आरोपी विवेक चौबे पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
पुलिस टीम के अनुसार, विवेक ने वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी पहचान छिपाने के लिए हर संभव प्रयास किया है। उसने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है। इससे पुलिस को उसकी डिजिटल फुटप्रिंट ट्रैक करने में दिक्कत आ रही है। क्राइम ब्रांच की टीमें विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। हालांकि, अभी तक कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवेक ने इस अपराध की योजना बहुत सावधानी से बनाई थी। वह जानता था कि पुलिस से कैसे बचना है। क्राइम ब्रांच अब मैनुअल इंटेलिजेंस और मुखबिरों पर अधिक निर्भर है। पुलिस ने विवेक के संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों पर भी नजर रखी हुई है। इस मामले में जल्द ही कोई सफलता मिलने की उम्मीद है।
बीएससी की छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या को चोलापुर के नियारडीह निवासी विवेक चौबे ने अंजाम दिया था। हत्या में शामिल उसके दोस्त पुनीत मिश्रा और विवेक चौबे के पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों जिला जेल में बंद हैं। पुनीत के साथ मिलकर विवेक ने श्रेया को मौत के घाट उतारा था।
उधर, राजातालाब थाना क्षेत्र के मरुई निवासी श्रेया के परिजनों ने पुलिस से विवेक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों ने कहा कि पुलिस इस मामले में अब ढीली पड़ गई है। 18 अगस्त को श्रेया उपाध्याय की हत्या हुई थी। एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित हैं। दबिश दी जा रही है।