काशी में 29 छात्रों पर एक शिक्षक
किसी भी विद्यालय में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्र-शिक्षक अनुपात 25:1 होना चाहिए, लेकिन वाराणसी मंडल के किसी भी जिले में इसका पालन नहीं हो रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी छात्र-शिक्षक अनुपात डेटा वाराणसी में 29:1 है। विभाग को उम्मीद थी पिछले शैक्षणिक सत्र में इन शिक्षकों की कमी पूरी हो जाएगी लेकिन बोर्ड परीक्षाएं बीतने तक भी स्थिति जस की तस है। इन विद्यालयों के लिए शिक्षकों की भर्ती परीक्षा तो हुई है लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इस शैक्षणिक सत्र में भी इन शिक्षकों की कमी पूरी होने के आसार नहीं हैं।
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इन राजकीय विद्यालयों में है शिक्षकों की कमी
- प्रभु नारायण राजकीय इंटर कॉलेज रामनगर
- राजकीय हाईस्कूल भैठौली हरहुआ
- राजकीय हाईस्कूल भिखारीपुर राजातालाब
- राजकीय हाईस्कूल खरगूपुर सेवापुरी
- राजकीय हाईस्कूल भतसार, आराजी लाईन
- राजकीय हाईस्कूल बेसहूपुर, सेवापुरी
- राजकीय हाईस्कूल बेलारी पिंडरा
- पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज
- राजकीय हाईस्कूल हसनपुर बड़ागांव
- राजकीय हाईस्कूल महगांव आराजी लाईन
- राजकीय हाईस्कूल चितईपुर पिंडरा
- राजकीय हाईस्कूल लालपुर सेवापुरी
इस सत्र की शुरुआत से मंडल में नामांकन की प्रगति बहुत अच्छी नहीं है। बीते दिनों समीक्षा कर 90 विद्यालयों के 250 से अधिक शिक्षकों का वेतन रोका गया था। विद्यालयों के फिर से खुलने पर नामांकन के लिए अभिभावकों से संपर्क कर इसे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। -हेमंत राव, एडी बेसिक, वाराणसी
राजकीय विद्यालयों में बीच-बीच में हो रही तैनाती से बहुत हद तक शिक्षकों की कमी पूरी हो गई है। इस सत्र के बीच ही कुछ नए शिक्षक विद्यालयों को मिल जाएंगे। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां व्यवस्था कराई जाती है। जल्द ही वहां भी तैनाती होगी। -भोलेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस