ज्ञानपुर। रबी की फसलों की बोआई के समय डीएपी की किल्लत ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है। मंगलवार को भोर से ही समितियों पर किसानों की लंबी कतार लगी रही। 400 टन डीएपी मंगाई गई थी, जो दोपहर तक खत्म हो गई और तमाम किसानों को मायूस लौटना पड़ा।
जिले की 30 समितियों पर सोमवार से डीएपी का वितरण शुरू हो गया। मंगलवार को ज्ञानपुर, गोपीगंज समेत करीब 15 से अधिक समितियों पर डीएपी बांटी गई। इसके लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान समितियों पर पहुंच गए। आठ बजते-बजते लंबी-लंबी कतार लग गई। दोपहर एक बजे तक समिति पर आई 13 टन डीएपी खत्म हो गई। उसके बाद किसानों को बिना खाद के ही लौटना पड़ा। बोआई सीजन के शुरूआत में ही डीएपी संकट ने किसानों की परेशानी को बढ़ा दी है। एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि डिमांड के सापेक्ष आपूर्ति अब तक नहीं हो सकी है। चार हजार टन की जरूरत है, जबकि अब तक 1500 टन डीएपी ही मिल पाई है। रैक आने पर समितियों पर खाद बेजी जाएगी। जिले में 48 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई का लक्ष्य तय किया गया है।