कमलेश की हत्या से संदेश जा रहा है कि जो हिंदू हित में बात करेगा वह काटा जाएगा। हिंदुस्तान में हम ऐसा नहीं होंने देंगे। मेरा मानना है कि कमलेश तिवारी के हत्यारों पर कानूनी प्रक्रिया नहीं चाहिए। उन सबके गले इसी तरह रेते जाएं।
प्रदेश में आईएसआईएस की शैली की तरह जिस तरह कमलेश की निर्मम हत्या की गई है, उनके हत्यारों का इस्तकबाल उनकी ही शैली में ही होना चाहिए। इसलिए मैं अरूण पाठक इस इनाम की घोषणा करता हूं। जेल के अंदर मौजूद कोई हिंदू भाई इस काम को अंजाम देता है तो उसके परिजनों को यह धनराशि मैं देने की घोषणा करता हूं।
हिंदू-विरोधी और मुस्लिम परस्त अखिलेश सरकार में प्रखर हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी मौलानाओं के उग्र प्रदर्शन व सिर कलम करने की घोषणा के बावजूद पूरी तरह से सुरक्षित रहे। कमलेश के ऊपर रासुका लगने के बाद पहली आवाज मैने उठाई थी, उनकी निर्मम हत्या जिहादी तरीके से की गई है।
आपको बता दें कि लखनऊ के नाका के खुर्शीदबाग की तंग गलियों में रहने वाले हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (50) की शुक्रवार दोपहर दो बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। दोनों बदमाश मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर कमलेश के घर की पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर पहुंचे। वहां उन्होंने पहले उनकी गर्दन पर गोली मारी।
फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद गला रेत दिया। हत्या की वारदात से अफसरों में हड़कंप मच गया। यूपी पुलिस ने वारदात का 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल तीन लोगों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है। वहीं, बिजनौर से षड्यंत्र में शामिल मौलाना अनवारुल हक और मौलाना नईम कासनी को हिरासत में लिया गया है।