भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की 17वीं पुण्यतिथि दरगाह-ए फातमान में मनाई गई। घरवालों के साथ ही उस्ताद के चाहने वालों ने भी उनकी कब्र पर खिराज ए अकीदत पेश की। रविवार सुबह से ही उनकी कब्र पर आने वालों का तांता लगा रहा। गुलपोशी के साथ ही शहनाई की धुन भी कब्र पर गूंजी, चाहने वालों ने फूल चढ़ाकर उस्ताद को नमन किया।
गुलपोशी के बाद उस्ताद की कब्र पर सामूहिक दुआख्वानी की गई। मुल्क के अमनो-अमानके की दुआएं मांगी गईं। मकबरे पर फूल और माला अर्पित की। शकील अहमद जादूगर ने कहा कि इसी मुहर्रम के महीने में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां यहां शहनाई भी बजाया करते थे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि बिस्मिल्लाह खां के मकान को भव्य संग्रहालय में बदला जाए। वक्ताओं ने कहा कि भारत रत्न की कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करने कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इस अवसर पर शांतनु राय, रमन आचार्य, सैयद फ रमान हैदर, जरीना खातून, नासिर अब्बास, प्रमोद वर्मा, अब्बास मुर्तुजा, फरहत अब्बास, आफाक हैदर मौजूद रहे।