पहली प्रस्तुति दिल्ली के पंडित योगेश शंकर ने तीन ताल में निबंध राग पूरिया धनाश्री एवं अगर बीच कैसे चलूं धुन बजाकर अपने शहनाई वादन से सबको सम्मोहित किया। वाराणसी के पंडित दुर्गा प्रसन्ना और उस्ताद कौशर अली ने पहले एकल फि र समूह में शहनाई वादन कर श्रोताओं को आनंदित किया।
शहनाई के दंगल में शानदार जवाब सवाल कजरी के माध्यम से प्रस्तुत की। इस अवसर पर गायिका सोमा घोष एवं यशभारती से सम्मानित तबला वादक उस्ताद नाजिम हुसैन को बिस्मिल्लाह कला रत्न से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत उस्ताद के चित्र पर फूल और दीप जलाकर मुख्य अतिथि पद्श्री राजेश्वर आचार्य और विशिष्टि अतिथि ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैंसला गेल के सीजेएम एसएन यादव ने किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि खां साहब ने शहनाई को एक नई ऊंचाई प्रदान की।
समाज सेवा में विशंभर प्रसाद अग्रवाल, शिक्षा में डॉक्टर अनिल कुमार सिंह, चिकित्सा में डॉक्टर के के सिंह को भी सम्मान दिया गया। स्वागत रेडिसन के महाप्रबंधक सौरभ माथुर और संचालन अजय गुप्ता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन यशभारती लोक कलाकार विष्णु यादव ने किया।इस मौके पर प्रमोद मिश्र, विजय मिश्र, सुनील शुक्ला, मंजरी पांडेय, राजीव ठुकराल, हम हरमन सिंह कवर आदि शामिल रहे।