काशी ज्योतिष पीठ के अगले शंकराचार्य के चयन को लेकर रस्साकशी में जुटे महामंडल के दोनों पक्ष अब नए प्रयास कर रहे हैं। इस से ही अब नए शंकराचार्य के चुनाव करने की योजना है।
भारत धर्म महामंडल के दोनों धड़ों ने अब बहुमत का आंकड़ा तय करने के लिए ताकत लगा दी है। दोनों धड़ों की ओर से बुलाई गई नेशनल कौंसिल (मंत्री सभा) की बैठकें अलग-अलग तय तिथियों पर होंगी। दोनों धड़े अपनी-अपनी प्रक्रिया को संवैधानिक बताते हुए कदम आगे बढ़ा रहे हैं।
इस बीच डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी की ओर से 24 नवंबर को बुलाई गई बैठक के एजेंडे को अवैधानिक करार देते हुए जिन पांच पदाधिकारियों को महामंडल विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में चिह्नित किया गया, उन पर देर रात कार्रवाई के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया।
इन पर द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद का दोबारा ज्योतिष्पीठ पर अभिषेक कराने का आरोप है। शंकराचार्य के चयन के सवाल पर खींचतान तेज होने के बाद लहुराबीर स्थित भारत धर्म महामंडल के दफ्तर में भारत धर्म महामंडल के शीर्ष पदाधिकारियों की लंबी बैठक चली। इस दौरान संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के प्रस्ताव पर विधिक राय लेने के साथ ही घंटों मंथन किया गया।