नगर में सिकंदर यादव, सतपाल यादव, राम नेवारे, बाबूराम, मतीन आज़मी, सुभाष यादव सहित सैकड़ों लोगों ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने कहा कि उनकी यात्रा किसी राजनीतिक दल के समर्थन के लिए नहीं, बल्कि गोरक्षा और धर्म-संस्कृति के संरक्षण के लिए जनजागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी गो रक्षा और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए कार्य करेगा, वह उसके साथ खड़े रहेंगे।
शंकराचार्य ने स्लॉटर हाउसों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश में गो हत्या रोकने और धार्मिक परंपराओं की रक्षा के लिए जनता से खुलकर आगे आने की अपील की। उन्होंने सनातन धर्म, शास्त्र आधारित जीवन, विवेक और मर्यादा के महत्व पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में धर्म के नाम पर भ्रम और दिखावे की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में लोगों को वास्तविक धर्म और केवल बाहरी स्वरूप के बीच अंतर समझने की आवश्यकता है।