पॉक्सो मामले में उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिलने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अस्सी स्थित श्री विद्या मठ में उत्साह का माहौल देखा गया। बुधवार को जैसे ही जमानत की खबर मठ पहुंची, वहां मौजूद बटुकों और शिष्यों के चेहरे खिल उठे। प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बटुकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और इसे सत्य की जीत बताया। न्यायिक फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कभी-कभी ऐसा प्रतीत होता है कि कानून एक जाल की तरह है, जिसे कुछ प्रभावशाली लोग अपने नियंत्रण में रखते हैं और जब चाहें किसी को उसमें फंसा देते हैं। उन्होंने आगे संकेत दिया कि न्याय प्रक्रिया का उपयोग कभी-कभी व्यक्तिगत या राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भी किया जाता है।