वाराणसी के मानिकपुर-डिहवा मार्ग पर सीवर का पानी जमा होने की समस्या जस की तस बनी हुई है। बुधवार को एक से डेढ़ फीट तक भर गया। लोगों के चौखट तक पानी पहुंच गया। मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है। लोग रास्ते बदलकर गंतव्य को पहुंच रहे हैं। इससे व्यापार चौपट हो रहा है।
इस मार्ग पर तीन माह से पानी भरा है लेकिन जिम्मेदार झांकने तक आते। जबकि इस समस्या को लेकर प्रधानमंत्री के संसदीय दफ्तर में भी उठा चुके हैं। स्थानीय लोग डीएम कार्यालय के हेल्पलाइन पर शिकायत कर चुके हैं। लोगों का कहना है कि सीवर में आने-जाने वाले लोगों के पैरों में खुजली हो गई है। मुहल्ले में संक्रामक बीमारी फैलने लगी है।
समस्या के समाधान के लिए क्षेत्र के संतोष कुमार मौर्य ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। मांग की है कि सीवेज की समुचित व्यवस्था हो, जिससे बाशिंदे घर से बाहर निकल सकें। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
राजातालाब में हाईवे पर आना-जाना हुआ मुश्किल
राजातालाब कस्बे में नालियां जाम होने के कारण कई दिनों से सीवर का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बह रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े वाहनों के गुजरने पर गंदे पानी के छींटे राहगीरों पर पड़ते हैं।
वहीं, दूकानों के सामने बजबजाती गंदगी और बदबू के चलते लोगों का व्यवसाय चौपट हो रहा है तो घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।
राजातालाब में जल निकासी के लिए राजमार्ग के दोनों तरफ बड़ी-बड़ी नालियां बनाई गई हैं।
लंबे समय से सफाई न होने की वजह से नालियां जाम हो गई हैं, जिसके चलते घरों से निकलने वाला गंदा पानी उफना कर सड़क पर बह रहा है। गंदे पानी से चल कर आना-जाना लोगों की मजबूरी बन गई है।
ट्रक अथवा बसें जब तेज गति से निकलती हैं तो गंदे पानी के छींटे राहगीरों के साथ ही दूकानों पर भी पड़ते हैं। करीब एक किलोमीटर तक नारकीय स्थिति बनी हुई है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी नालियों की सफाई नहीं कराई जा रही, जिससे स्थानीय व्यापारियों में रोष पनपने लगा है।