शिव के सबसे प्रिय मास सावन में देश और दुनिया से शिवभक्त काशी में जलाभिषेक के लिए आएंगे। महज चार दिन बाद सावन महीना शुरू हो जाएगा, मगर अब तक प्रशासन की तैयारी ही अधूरी है। शहर में प्रवेश से लेकर मंदिर के आसपास की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने वाले मार्ग पर गोदौलिया के पास सड़क पर ही सीवर बह रहा है। उधर, तिलभांडेश्वर और केदारघाट पर मंदिर के बाहर ही कूड़े का ढेर लगा है।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए कांवड़ यात्रा को प्रतीकात्मक किया गया है। मगर, माना जा रहा है कि शिवभक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार अलग-अलग माध्यमों से काशी आएंगे। मगर, प्रशासन ने सावन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोई खास तैयारी अब तक नहीं की है।
मड़ौली से मंडुवाडीह तक टूटी सड़क खराब
शहर में प्रवेश करने वाले मार्ग मड़ौली से मंडुवाडीह का रास्ता बहुत ही खराब स्थिति में है। बारिश के चलते सड़क के दोनों किनारों पर जगह-जगह पानी जमा है। इसके साथ ही टूटी सड़कों पर वाहन से चलना मुश्किल है, ऐसे में पैदल चलने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। ऐसा ही हाल गोदौलिया से काशी विश्वनाथ मंदिर तक की सड़क भी कई जगहों पर टूटी हैं।
सीवर से गुजर कर जाएंगे भक्त
गोदौलिया चौराहे से आगे मारवाड़ी हिन्दू अस्पताल के पास सड़क पर सीवर बह रहा है। गोदौलिया से काशी विश्वनाथ मंदिर तक नो व्हीकल जोन होने के कारण लोगों को पैदल ही जाना होता है। मंगलवार को मंदिर जाने वाले भक्त सीवर के पानी से ही गुजर कर मंदिर तक पहुंच सके।
शिवालयों के बाहर नहीं है सफाई
काशी के प्रमुख शिवालयों में शामिल तिलभांडेश्वर और केदारघाट पर मंगलवार तक कोई तैयारी नहीं दिखाई दी। मंदिर के बाहर रास्ते पर ही कूडे़ का ढेर लगा हुआ था।