दालमंडी इलाके में नई सीवर और पेयजल लाइन बिछाने की तैयारी है। बता दें कि 900 मीटर इलाके में इस काम को किया जाना है। जल निगम इस कार्य को कराएगा और इसके लिए सर्वे का काम किया जा रहा है।
दालमंडी के चौड़ीकरण के दौरान सीवर और पेयजल लाइनों को भी दुरुस्त कराया जाएगा। इसके लिए सर्वे का काम चल रहा है। यह कार्य जल निगम की ओर से कराया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को समग्र कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी दी है।वर्तमान में यहां नीचे गई पानी और सीवर की पाइप लाइन का व्यास काफी संकरा है। जिसे बढ़ाया जाएगा।
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ये काशी के पक्के महाल यानी पुराने बनारस की गलियों में शुमार है। यहां जटिल सीवर की समस्या का समाधान होगा। यहां आवश्यकता अनुसार सीवर की ब्रांच लाइन के साथ पानी की नई पाइपलाइन को बिछाई जाएगी। 900 मीटर का इलाका दालमंडी है। जहां सीवर ओर पेयजल की समस्या है। यहां बीते 25 सालों में बड़ी तेजी से आबादी में बढ़ोतरी हुई है।
पुराने इलाकों में घर अधिक हैं जो अब कमर्शियल एक्टिविटी में तब्दील हो गए हैं। यहां पर्यटकों की बढ़ रही संख्या भी प्रतिदिन नए कीर्तिमान बना रही है। इसकी वजह से पुराने शहर को बेहतर और नई पाइपलाइन की जरूरत है। जल निकासी के लिए नगर निगम अब 200 साल पुराने ड्रेनेज सीवरेज सिस्टम पर निर्भर है।
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उसके जगह नई ब्रांच लाइन बिछाने की तैयारी में है। जिसका सर्वे चल रहा है। ड्रेनेज और सीवर सिस्टम के लिए नगर निगम के शाही नाले का विकल्प तैयार किया जा रहा है। पुरानी लाइन होने की कारण लगातार ओवरफ्लो और बारिश में जलभराव की समस्या बनी रहती है।