पूर्वांचल में शुक्रवार को हवाओं का रुख बदलने के साथ ही गलन और बढ़ गई। मौसम के जानकारों ने इसे ‘कोल्ड डे’ बताया। चार दिन से बह रही उत्तर-पूर्व की हवाओं के शांत होने के बाद शुक्रवार से पछुआ बयार बहने लगी। इससे आसमान में छाए बादल तो छंट गए लेकिन कोहरे और गलन ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। शनिवार को सूर्यदेव के दर्शन होने के आसार हैं लेकिन धूप का असर न के बराबर ही रहेगा।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस पर आने के बाद बीएचयू की मौसम परीक्षणशाला ने इसे ‘कोल्ड डे’ के रूप में दर्ज किया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। नमी लेकर आ रही उत्तर-पूर्वी हवाएं तो शांत हो गईं लेकिन पछुआ हवाएं पांच से छह किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बहने लगीं।
दिन में कोहरे और बादल के चलते सूर्य की झलक नहीं मिल सकी। इससे सामान्य जनजीवन ठिठुरता रहा। शहर में निर्माण के कामों पर भी ठंड का असर पड़ा है। मजदूरों के न निकलने से भवनों का निर्माण कार्य कई जगहों पर ठप पड़ा है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई के कोआर्डिनेटर डॉ. आरएस सिंह ने बताया कि पछुआ हवा बहने से ठंड में इजाफा होगा और कोहरा भी बढ़ेगा।
ठंड से चार की मौत
वाराणसी। मिर्जामुराद एवं कपसेठी क्षेत्र में शुक्रवार को ठंड से चार लोगों की मौत हो गई। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दिये बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मिर्जामुराद क्षेत्र के कल्लीपुर गांव में शुक्रवार की सुबह शौच करने गये रामजी गौड़ (60) और बेनीपुर गांव में चंगवार बस्ती में रहने वाले श्रीराम पटेल (65) की ठंड लगने से मौत हो गई। उधर, कपसेठी क्षेत्र के भीषमपुर गडेरिया बस्ती में ठंड लगने से लालजी सिंह (65) एवं पार्वती सिंह (53) की मौत हो गई।