शनिवार की अल सुबह पश्चिमी विक्षोभ के पूर्वांचल में सक्रिय होने से आसमान में दिन भर बादल छाए रहे। सर्द हवाओं के साथ हल्की बूंदाबादी होने से गलन बढ़ गई है। वातावरण में गलन की वजह से फुटपाथ, प्लेटफार्म और घाटों पर जीवन गुजारने वाले गरीबों की मुश्किलों में इजाफा हो गया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार वाराणसी और आसपास के इलाकों में अगले दो दिन तक बादलों की घेरेबंदी रहेगी। कहीं -कहीं बारिश भी हो सकती है।
जम्मू-हिमाचल से चले पश्चिमी विक्षोभ के पूर्वांचल में सक्रिय होने से शनिवार को मौसम ने करवट ले ली। बादल छाने से दिन भर सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। बदरी और बूंदाबादी शुरू होने से खेत-खलिहान में खड़ी फसलों को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है। तेज बारिश होने से धान की फसलों को नुकसान हो सकता है।
बाबतपुर मौसम केंद्र ने शाम को अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री रिकार्ड किया। बीएचयू की ग्रामीण मौसम सेवा केंद्र इकाई को-आर्डिनेटर डॉ.आरएस सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान बारिश होने की भी आशंका है। आसमान साफ होते ही कोहरे की धुंध छा जाएगी।
सर्द हवाओं के साथ बूंदाबादी से गरीबों की परेशानियां बढ़ गई हैं। खास तौर से घाट किनारे रात बिताने वाले मजदूरों, रिक्शा, ट्राली खींचने वालों और अन्य बेसहारों को कंपकंपी छूटने लगी है। अब तक शहर के तिराहों, चौराहों और घाटों पर अलाव की व्यवस्था न होने से ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। दशाश्वमेध के चितरंजन पार्क में अस्थाई रैन बसेरा बनना तो दूर, वहां अभी तक पुआल या दरी भी नहीं डाली जा सकी है।