विधानसभा चुनाव में भागीदारी करने वाले सभी प्रत्याशियों के यहां धूमधाम से होली मनाने की तैयारी चल रही है। लेकिन सात प्रत्याशियों के यहां ही होली पर धमाल होगा जबकि अन्य 89 दावेदारों के यहां होली फीकी होगी।
इसकी वजह यह है कि होली के दो दिन पहले मतगणना होगी और विधानसभा चुनाव का परिणाम भी सामने आ जाएगा। ऐसे में तो सात ही सिकंदर होंगे।
यह दूसरा मौका है जब मतगणना के आसपास होली का त्योहार होगा। हालांकि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव की गिनती के दो दिन पहले होली थी इस बार मतगणना के दो दिन बाद है।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कुल 130 प्रत्याशियों ने भाग्य की आजमाईश की थी। 11 फरवरी को मतदान हुआ लेकिन मतगणना का कार्य छह मार्च को हुआ। आठ मार्च को होली होने के कारण चुनावी मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों जमकर होली मनाई और एक दिन आराम करने के बाद मतगणना में पहुंचे। लेकिन इस बार स्थिति इसके विपरीत है।
बलिया की सात विधानसभा सीटों के लिए कुल 96 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिले में मतदान तो चार मार्च को पूरा हो चुका है लेकिन मतगणना 11 मार्च को निर्धारित है। इसी दिन मतगणना का काम भी पूरा हो जाएगा लिहाजा यह भी तय है कि सात प्रत्याशी को ही संबंधित विधानसभा क्षेत्र का ‘सिकंदर’ बनने का मौका मिलेगा जबकि 89 प्रत्याशियों को निराशा ही हाथ लगेगी।