प्रो.ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि पहली लहर की जांच में करीब 40 से 50 फीसदी लोगों की इम्यूनिटी होने की रिपोर्ट आई थी। अलग-अलग जगहों पर कुल 74 सदस्यीय टीम शोध में लगी है। इसमें जिनका टीकाकरण हुआ है और जो कोरोना संक्रमित हुए, सभी का सैंपल लिया जाएगा।
इससे पहली और दूसरी लहर के अंतर की जानकारी मिलेगी। माना जा रहा है कि अगर 60 प्रतिशत लोग संक्रमित हुए और 20 प्रतिशत ने टीकाकरण कराया है तो 80 प्रतिशत लोगों में हर्ड इम्यूनिटी मिलेगी। क्योंकि संक्रमण के साथ ही टीकाकरण से भी हर्ड इम्यूनिटी मिलती है।
प्रो.ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि सीरो सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसमें वाराणसी के कुछ लोगों का सैंपल लिया गया है। आईएमएस बीएचयू सहित अन्य संस्थानों के लोगों को भी शामिल किया गया है। अन्य जिलों के लिए भी किट मंगाई जा रही है। 5000 लोगों की जांच की जाएगी।