फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: रांची-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस में सीटें खाली, पटना से अयोध्या के बीच 30 अप्रैल तक वेटिंग

Sat, 20 Apr 2024 09:46 AM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Varanasi News: 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों वंदे भारत ट्रेन को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
विज्ञापन
वंदे भारत - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक साथ शुरू हुई दो नई वंदे भारत ट्रेन में पटना-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस में सीटें नहीं हैं। यात्रियों को पटना से वाराणसी वाया अयोध्या तक सीट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, रांची-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस में सीटें खाली हैं। 

विज्ञापन


22345 वंदे भारत एक्सप्रेस में पटना से अयोध्या के बीच 30 अप्रैल तक वेटिंग है। चेयरकार और एग्जिक्यूटिव क्लास में सीटें नहीं हैं। उधर, 22887 रांची-वाराणसी वंदे भारत के दोनों क्लास में 300 के ऊपर सीटें 30 अप्रैल तक खाली हैं।

रेल अधिकारियों के अनुसार अयोध्या धाम जाने वालों की भीड़ अब भी ट्रेनों में वैसे ही है। पटना-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन सबसे कम समय छह घंटे 10 मिनट में पटना से अयोध्या पहुंचा रही है। पटना, आरा, बक्सर, पीडीडीयूनगर, वाराणसी कैंट, अयोध्या धाम होकर लखनऊ पहुंच रही हैं। 
विज्ञापन


दोनों तरफ से इस ट्रेन में यात्रियों की भीड़ है। रांची-वाराणसी एक्सप्रेस सबसे कम समय 7 घंटे 50 मिनट में रांची-वाराणसी का सफर तय करती है। हालांकि इसमें किराया अधिक होने के चलते यात्री हिचक रहे हैं। सुबह 5:10 बजे रांची से रवाना होती है और दोपहर एक बजे वाराणसी कैंट पहुंचती है। 

विज्ञापन

खुले गेट के साथ दिल्ली रवाना हो गई वंदे भारत एक्सप्रेस

हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना हो गई और उसके कोच का दरवाजा खुला ही रह गया। कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के बाद इस घटना से यात्री सकते में रहे। वहीं, रेल अधिकारियों ने दावा किया कि प्लेटफार्म से ट्रेन छोड़ते ही कोच का दरवाजा स्वत: बंद हो गया। कभी-कभी इस तरह की तकनीकी दिक्कत आ जाती है।

ट्रेन संख्या 22436 वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित समय पर दोपहर दो बजे कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर पहुंची। यात्रियों के उतरने के बाद ट्रेन की साफ-सफाई। अपराह्न तीन बजे ट्रेन रवाना हुई तो सभी कोच के दरवाजे स्वत: बंद हो गए लेकिन कोच संख्या सी-4 का दरवाजा खुला ही रह गया।

नियम है कि सभी दरवाजे ऑटोमेटिक बंद होने के बाद ट्रेन आगे बढ़ती है। कैंट स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी दिक्कत के चलते कभी-कभी गेट कुछ देर के लिए खुले रह जाते हैं। हालांकि प्लेटफार्म छोड़ने से पहले ही गेट अपने आप बंद हो गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें