गंगा के बढ़ते जलस्तर से वाराणसी के तटीय इलाकों में बेचैनी बढ़ गई है। गंगा के किनारे के लोग अब सुरक्षित स्थान की तलाश में ऊंचे इलाकों की ओर जाने लगे हैं। हालांकि अभी गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 10 मीटर नीचे चल रहा है। गंगा घाट के किनारे से तीर्थ पुरोहितों ने भी चौकियां हटानी शुरू कर दी हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार को गंगा का जलस्तर 60.71 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के बढ़ते जलस्तर के खतरे को भांपते हुए अस्सी, दशाश्वमेघ, आरपी घाट, राजघाट समेत गंगा के घाटों पर लोग अभी से सतर्कता बरतने लगे हैं। गंगा किनारे कई स्थानों पर नीचे लगी चौकियों को पंडा समाज ने उठाकर ऊंचे स्थानों पर स्थापित कर दिया है।
गंगा की सीढ़ियों पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों ने दुकानों को खाली कर दिया है। घाट किनारे नीचे की ओर बने सैकड़ों छोटे मंदिर भी अब जलमग्न होने लगे हैं। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.84 मीटर, बलिया में 52.35 मीटर, गाजीपुर में 54.68 मीटर, मिजार्पुर में 65.41 मीटर रिकार्ड हुआ। गंगा के साथ वरुणा नदी भी अब उफान मारने लगी है। वरुणा नदी में पानी बढ़ने के साथ कई स्थानों पर जलकुंभी भी बहाकर साथ लाई है। वरुणा किनारे तलहटी में बाढ़ प्रभावित इलाके में घुसकर अनाधिकृत भवन बनाने वालों की धुकधुकी भी बढ़ रही है।