घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
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वीरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि घटना को देख वह सन्न रह गए और भाग कर कोतवाली थाने जाकर पुलिस को सूचना दी। तब तक उन्होंने देखा कि आशुतोष खुद ही पैदल चल कर कोतवाली थाने जाकर समर्पण कर दिया। इस संबंध में कोतवाली थानाध्यक्ष अश्वनी चतुर्वेदी ने बताया कि वारदात की वजह को लेकर आरोपी चुप्पी साधे हुए है। गिरफ्त में आए आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है।
पुराना पुल क्षेत्र निवासी दिनेश दो भाइयों में छोटा था। उसकी हत्या की सूचना पाकर बड़ा भाई अजय और मां मीना रोते-बिलखते हुए परिजनों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे। सभी दिनेश की हत्या को लेकर कोतवाली थाने में हंगामा करने लगे। दिनेश के बहनोई और भाई अजय ने शव को कब्जे में लेने का विरोध किया तो कोतवाली थाने के एक होमगार्ड और एक सिपाही ने उनके साथ हाथापाई की। पुलिस का रवैया देखकर दिनेश के परिजन रोते-बिलखते हुए जमीन पर बैठ गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी को शांत कराया।
उधर, परिजनों ने बताया कि दिनेश की शादी 10 साल पहले मुंबई की रहने वाली ज्योति से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे लाडू (9), मिष्ठी (4) और दो वर्षीय लल्ला हैं। परिजनों ने बताया कि ज्योति अपने बच्चों के साथ करीब 10 दिन पहले मुंबई स्थित अपने मायके गई है। दिनेश को चाकू मारे जाने की सूचना पाकर वह मुंबई से ससुराल के लिए रवाना हो गई है।