खेती में मजदूरों की कमी
बरियासनपुर गांव के पूर्व प्रधान बालकिशुन पटेल ने बताया कि चिरईगांव ब्लॉक के सीवो, गौराकला, नवशहरी और रुस्तमपुर गांवों में बड़े पैमाने पर फालसा की खेती होती थी। लेकिन, अब यह खेती केवल 20 प्रतिशत ही बची है
रिंग रोड का प्रभाव
विकास खंड की लगभग 15 ग्राम पंचायतें नगर निगम में शामिल हो गईं। संदहा से बभनपुरा रिंग रोड गंगा पार चंदौली को जोड़ती है, इससे जमीनों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। काॅलोनाइजर किसानों जमीन खरीदकर प्लाॅटिंग कर रहे हैं।
बोले अधिकारी
अमरूद की नई प्रजातियों में उकठा रोग का प्रभाव कम होता है। इलाहाबादी सफेदा, संगम मुख्य प्रजातियां हैं। आम, फालसा फसलों के लिए किसानों को जागरूक कर रहे है। - सुभाष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी