बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान से सुबह आठ बजे 10 बैलून शंघाई सहयोग संगठन के 23 प्रतिनिधियों और पर्यटकों को लेकर उड़े। दो हजार फीट की ऊंचाई से भगवान भाष्कर की किरणों से सुनहरी आभा में लिपटे हुए शहर का कण-कण स्वर्ण सा अहसास करा रहा था।
वाराणसी में बैलून महोत्सव का शुक्रवार को समापन हो गया। अंतिम दिन शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 23 प्रतिनिधियों और विदेशी मेहमानों ने आसमान से दिव्य और भव्य काशी का अद्भुत नजारा लिया। शुक्रवार को बैलून महोत्सव का भव्य समापन हुआ। बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान से सुबह आठ बजे 10 बैलून शंघाई सहयोग संगठन के 23 प्रतिनिधियों और पर्यटकों को लेकर उड़े।
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बीएचयू से उड़ते हुए यात्रियों ने घाट, गंगा, बाबा विश्वनाथ का मंदिर और शहर की खूबसूरती को निहारा। दो हजार फीट की ऊंचाई से भगवान भाष्कर की किरणों से सुनहरी आभा में लिपटे हुए शहर का कण-कण स्वर्ण सा अहसास करा रहा था।
काशी के पर्यटन को मिला नया आयाम
नोडल अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव ने बताया कि चार दिन के इस बैलून महोत्सव के जरिये काशी के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। सौ से अधिक पर्यटकों ने बैलून के जरिये आसमान की सैर की है। यूके, यूएस और कनाडा से आए प्रशिक्षित पायलट ने बैलून उड़ाए।