सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने आरोप लगाया कि मसाजिद कमेटी की तरफ से सर्वे में सहयोग नहीं किया जा रहा है। चाबी नहीं दी जा रही है। इस पर अदालत ने कहा कि जो समस्या होगी, उस संदर्भ में जांच एजेंसी अवगत कराएगी। वहीं, मसाजिद कमेटी की ओर से कहा गया कि जांच एजेंसी ने अभी तक उन्हें सर्वे के बाबत सूचित नहीं किया। जांच करने की फीस भी नहीं जमा की गई।
एएसआई की 43 सदस्यीय टीम ने 24 जुलाई की सुबह सात बजे से ज्ञानवापी में लगभग साढ़े पांच घंटे तक सर्वे किया था। दोपहर लगभग 12:30 बजे सर्वे पर रोक लगाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी हुई तो काम रोक दिया गया। उस दिन से अब तक 10 दिन सुप्रीम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से ज्ञानवापी में सर्वे का काम रुका रहा। अब शुक्रवार सुबह से सर्वे शुरू हुआ है।